Posts

राब्ता

💕     💕    💕  चाहा था तुझे शिद्दत से , मुन्तज़िर था मेहजबीन के | तू मिली थी इनायत से , हूँ फ़ना इस नज़ाकत पे  || बहिश्त के दस्तक पे , मुड़कर देखेगी तू मुझे | सदा रहोगे मेरे हाफ़िज़ा में || कामना है क़ुरबत इस अंजुम से , क्या यही हे खामयाज़ा ख़ुदा के ? 💔

महरम

💓    💓      💗      💓    💓 ज़िन्दगी के आफ़ाक़ पर खड़े , परिवार के दस्तूर में लिपटे | मिलेगी एक तबस्सुम मुझे , निकालेगी हमें असीरी से || मात देगी मेरी आना , बनेगी मेरी वो मसीहा | मोहब्बत के महरूम ना बना , तिश्ना है तो बस हमदम का || मेरे तख़य्युल की हूर , अब बनो मेरी नूर | फ़तेह करना हे ये बयाबीन , उज़्र ना दो मेरे ज़ोहरा जबीन  || इस इश्क़ की इब्तिदा को इंतज़ार हे , पिहरवा  जज़्बा हे तुझे पाने का , अब तो बनो मेरी सावरिया || 💓    💓      💗      💓    💓

चित्रकार

 जब देखी आपकी कला, आँखो ने नहीं माना |  जब जाना आपकी कला, दिल हो गया फिदा ||